नस में खून जम जाए तो क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 10:16

नसों के खून के थक्के जमना

डीवीटी यानी डीप वेन थ्रोंबोसिस एक ऐसी बीमारी है, जो नसों में खून के थक्के जम जाने के कारण होती है। कई बार यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है, क्योंकि इसके लक्षण आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं। कई बार अंगों में सूजन, दर्द और लाली जैसे बहुत सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग आसानी से नजरअंदाज कर देते हैं। इसके कारण शरीर को लकवा भी मार सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान इस बीमारी का ज्यादा खतरा होता है। आइए जानते हैं, क्या है यह बीमारी और क्या हैं इससे खतरे। क्या है डीवीटी- हमारा खून कई तरह के सैल्स से मिलकर बना होता है। यह तरल होता है, लेकिन इसकी तरलता तभी तक है जब तक यह सामान्य गति से नसों में दौड़ रहा है। अगर रक्त का प्रवाह धीमा हो जाए, तो रक्त जमने लगता है और नसों के बीच ब्लड के थक्के जमने शुरू हो जाते हैं। इसी को डीप वेन थ्रोंबोसिस कहते हैं। वैसे तो यह शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है मगर आमतौर पर यह रोग पैरों में होता है।

क्या हैं डीवीटी के लक्षण- हाथों और पैरों में अचानक सूजन आना चलने और खड़े होने में पैरों में दर्द महसूस होना, दर्द वाली जगह पर जलन महसूस होना, नसों का फूल जाना या बाहर दिखाई देना, त्वचा का लाल या नीला हो जाना, पल्मोनरी इम्बॉलिज्म का खतरा। पल्मोनरी इम्बॉलिज्म एक जानलेवा और खतरनाक रोग है। इसमें अचानक से रोगी की तबीयत बिगड़ती है और कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो जाती है। कई बार नसों में रक्त के थक्के जमते हैं, मगर रक्त प्रवाह के कारण नसों की दीवारों से अलग होकर रक्त के साथ ही शरीर में बहने लगते हैं। यह थक्के जब फेफड़ों में पहुंचते हैं, तो यही पल्मोनरी इम्बॉलिज्म का कारण बनते हैं।

पल्मोनरी इम्बॉलिज्म के लक्षण- सांस अचानक से तेज हो जाना और रुक-रुक कर चलने लगना, सीने में तेज दर्द और तेज खांसी के साथ खून आना अचानक से दिल की धड़कन बढ़ जाना।

वैरिकोज वेन्स से मिलते हैं लक्षण- वैरिकोज वेन्स तब होता है, जब नसें ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। पैरों से ब्लड को नीचे से ऊपर हार्ट तक ले जाने के लिए पैरों की नसों में वाल्व होते हैं, इन्हीं की सहायता से ब्लड ग्रेविटेशन के बावजूद हार्ट तक पहुंच पाता है, लेकिन अगर ये वाल्व खराब हो जाएं या पैरों में कोई समस्या आ जाए, तो ब्लड ठीक से ऊपर चढ़ नहीं पाता और पैरों में ही जमने लगता है। ब्लड के जमने की वजह से पैरों की नसें कमजोर हो जाती हैं। इसी समस्या को वैरिकोज वेन्स कहते हैं।

क्यों दिखती हैं नसें नीली- हिमोग्लोबिन के साथ कार्बनडाइऑक्साइड और ऑक्सीजन दोनों ही अच्छे से घुलमिल जाते हैं। अगर हमारे टिश्यू में कार्बनडाइऑक्साइड आ जाए, तो ये हिमोग्लोबिन के साथ रिएक्शंस करके कार्बोक्सी हिमोग्लोबिन बना लेता है। इस अशुद्ध खून का रंग नीला या बैंगनी हो जाता है। हमारी नसों के ऊपर की स्किन बेहद पतली होती है इसीलिए नसें ऊपर से दिखाई देती हैं। अगर इन्हीं नसों में ये अशुद्ध खून भर जाता है, तो नसें गहरे नीले रंग की दिखने लगती हैं।

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