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नसों के खून के थकà¥à¤•े जमना
डीवीटी यानी डीप वेन थà¥à¤°à¥‹à¤‚बोसिस à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है, जो नसों में खून के थकà¥à¤•े जम जाने के कारण होती है। कई बार यह बीमारी जानलेवा à¤à¥€ हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं। कई बार अंगों में सूजन, दरà¥à¤¦ और लाली जैसे बहà¥à¤¤ सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोग आसानी से नजरअंदाज कर देते हैं। इसके कारण शरीर को लकवा à¤à¥€ मार सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान इस बीमारी का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा होता है। आइठजानते हैं, कà¥à¤¯à¤¾ है यह बीमारी और कà¥à¤¯à¤¾ हैं इससे खतरे। कà¥à¤¯à¤¾ है डीवीटी- हमारा खून कई तरह के सैलà¥à¤¸ से मिलकर बना होता है। यह तरल होता है, लेकिन इसकी तरलता तà¤à¥€ तक है जब तक यह सामानà¥à¤¯ गति से नसों में दौड़ रहा है। अगर रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ धीमा हो जाà¤, तो रकà¥à¤¤ जमने लगता है और नसों के बीच बà¥à¤²à¤¡ के थकà¥à¤•े जमने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। इसी को डीप वेन थà¥à¤°à¥‹à¤‚बोसिस कहते हैं। वैसे तो यह शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है मगर आमतौर पर यह रोग पैरों में होता है।
कà¥à¤¯à¤¾ हैं डीवीटी के लकà¥à¤·à¤£- हाथों और पैरों में अचानक सूजन आना चलने और खड़े होने में पैरों में दरà¥à¤¦ महसूस होना, दरà¥à¤¦ वाली जगह पर जलन महसूस होना, नसों का फूल जाना या बाहर दिखाई देना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का लाल या नीला हो जाना, पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ इमà¥à¤¬à¥‰à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® का खतरा। पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ इमà¥à¤¬à¥‰à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® à¤à¤• जानलेवा और खतरनाक रोग है। इसमें अचानक से रोगी की तबीयत बिगड़ती है और कà¥à¤› समय बाद ही उसकी मौत हो जाती है। कई बार नसों में रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•े जमते हैं, मगर रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के कारण नसों की दीवारों से अलग होकर रकà¥à¤¤ के साथ ही शरीर में बहने लगते हैं। यह थकà¥à¤•े जब फेफड़ों में पहà¥à¤‚चते हैं, तो यही पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ इमà¥à¤¬à¥‰à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® का कारण बनते हैं।
पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ इमà¥à¤¬à¥‰à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® के लकà¥à¤·à¤£- सांस अचानक से तेज हो जाना और रà¥à¤•-रà¥à¤• कर चलने लगना, सीने में तेज दरà¥à¤¦ और तेज खांसी के साथ खून आना अचानक से दिल की धड़कन बढ़ जाना।
वैरिकोज वेनà¥à¤¸ से मिलते हैं लकà¥à¤·à¤£- वैरिकोज वेनà¥à¤¸ तब होता है, जब नसें ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। पैरों से बà¥à¤²à¤¡ को नीचे से ऊपर हारà¥à¤Ÿ तक ले जाने के लिठपैरों की नसों में वालà¥à¤µ होते हैं, इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ की सहायता से बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ के बावजूद हारà¥à¤Ÿ तक पहà¥à¤‚च पाता है, लेकिन अगर ये वालà¥à¤µ खराब हो जाà¤à¤‚ या पैरों में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ आ जाà¤, तो बà¥à¤²à¤¡ ठीक से ऊपर चढ़ नहीं पाता और पैरों में ही जमने लगता है। बà¥à¤²à¤¡ के जमने की वजह से पैरों की नसें कमजोर हो जाती हैं। इसी समसà¥à¤¯à¤¾ को वैरिकोज वेनà¥à¤¸ कहते हैं।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दिखती हैं नसें नीली- हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के साथ कारà¥à¤¬à¤¨à¤¡à¤¾à¤‡à¤‘कà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ दोनों ही अचà¥à¤›à¥‡ से घà¥à¤²à¤®à¤¿à¤² जाते हैं। अगर हमारे टिशà¥à¤¯à¥‚ में कारà¥à¤¬à¤¨à¤¡à¤¾à¤‡à¤‘कà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ आ जाà¤, तो ये हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के साथ रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤‚स करके कारà¥à¤¬à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥€ हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बना लेता है। इस अशà¥à¤¦à¥à¤§ खून का रंग नीला या बैंगनी हो जाता है। हमारी नसों के ऊपर की सà¥à¤•िन बेहद पतली होती है इसीलिठनसें ऊपर से दिखाई देती हैं। अगर इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ नसों में ये अशà¥à¤¦à¥à¤§ खून à¤à¤° जाता है, तो नसें गहरे नीले रंग की दिखने लगती हैं।
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